अगर आप चाहते है आपके परिवार में सुख और शांति तो जानिए कुछ सरल उपाय
हमारी वैदिक/भारतीय संस्कृति में विवाह/शादी दो आत्माओं का मिलन है। इस पवित्र बंधन में स्त्री और पुरुष अपने अपने धर्म, समाज को साक्षी मानकर जीवन भर साथ निभाने के लिए बंधते है। इसमें किसी भी प्रकार अवरोध ना केवल उन दोनों के लिए ही वरना उनके पूरे परिवार के लिए भी दुखद साबित होता है । इस संसार में हर व्यक्ति चाहता है की उसका दाम्पत्य जीवन बहुत ही सफल हो , पति पत्नी के मध्य बहुत ही मधुर सम्बन्ध बने रहे और हर मनुष्य के घर में उस परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी सौहार्द चिरकाल तक विद्यमान रहे , लेकिन आज की भागदौड़ , कड़ी प्रतिस्पर्धा भरी जिन्दगी में संबंधो के बीच दूरियां बडती जा रही है । परिवार बिखर रहे है और जो साथ भी है उनमे कहीं न कहीं अहम् का भाव हावी होता जा रहा है। घर में माता - पिता / बड़े बुजुर्गो को उचित मान सम्मान नहीं मिल पा रहा है .... पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि यह सत्य है की यदि पारिवारिक वातावरण अच्छा नहीं है, परिवार के सदस्यों में मतभेद है , कलह है तो व्यक्ति हमेशा मानसिक रूप से आशान्त ही रहेगा , पारिवारिक सुख के अभाव में उसका हर सुख अधुरा ही रहेग...