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आइये जाने क्या हैं ज्योतिष और उसकी अन्य शाखाएं

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हमारा भारतीय ज्योातिष विषय वेदों जितना ही प्राचीन है। प्राचीन काल में ग्रह, नक्षत्र और अन्यज खगोलीय पिण्डों का अध्यायन करने के विषय को ही ज्योोतिष कहा गया था। इसके गणित भाग के बारे में तो बहुत स्पsष्टनता से कहा जा सकता है कि इसके बारे में वेदों में स्पषष्ट। गणनाएं दी हुई हैं। फलित भाग के बारे में बहुत बाद में जानकारी मिलती है। भारतीय आचार्यों द्वारा रचित ज्योतिष की पाण्डुलिपियों की संख्या एक लाख से भी अधिक है। ‘ज्योतिष’ से निम्नलिखित का बोध हो सकता है-  1 वेदांग ज्योतिष  2 सिद्धान्त ज्योतिष या ‘गणित ज्योतिष’  3 फलित ज्योतिष  4 अंक ज्योतिष 5 खगोल शास्त्र 1 वेदाङ्ग ज्योतिष एक प्राचीन ज्योतिष ग्रन्थ है। इसका काल १३५० ई पू माना जाता है। अतः यह संसार का ही सर्वप्राचीन ज्याेतिष ग्रन्थ माना जा सकता है। यह ज्योतिष का आधार ग्रन्थ है। वेदाङ्गज्योतिष कालविज्ञापक शास्त्र है। माना जाता है कि ठीक तिथि नक्षत्र पर किये गये यज्ञादि कार्य फल देते हैं अन्यथा नहीं। कहा गया है कि- वेदा हि यज्ञार्थमभिप्रवृत्ताः कालानुपूर्वा विहिताश्च यज्ञाः। तस्मादिदं कालविधानशास्त्रं यो ज्येत...

अगर आप चाहते है आपके परिवार में सुख और शांति तो जानिए कुछ सरल उपाय

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हमारी वैदिक/भारतीय संस्कृति में विवाह/शादी दो आत्माओं का मिलन है। इस पवित्र बंधन में स्त्री और पुरुष अपने अपने धर्म, समाज को साक्षी मानकर जीवन भर साथ निभाने के लिए बंधते है। इसमें किसी भी प्रकार अवरोध ना केवल उन दोनों के लिए ही वरना उनके पूरे परिवार के लिए भी दुखद साबित होता है । इस संसार में हर व्यक्ति चाहता है की उसका दाम्पत्य जीवन बहुत ही सफल हो , पति पत्नी के मध्य बहुत ही मधुर सम्बन्ध बने रहे और हर मनुष्य के घर में उस परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी सौहार्द चिरकाल तक विद्यमान रहे , लेकिन आज की भागदौड़ , कड़ी प्रतिस्पर्धा भरी जिन्दगी में संबंधो के बीच दूरियां बडती जा रही है । परिवार बिखर रहे है और जो साथ भी है उनमे कहीं न कहीं अहम् का भाव हावी होता जा रहा है। घर में माता - पिता / बड़े बुजुर्गो को उचित मान सम्मान नहीं मिल पा रहा है .... पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि यह सत्य है की यदि पारिवारिक वातावरण अच्छा नहीं है, परिवार के सदस्यों में मतभेद है , कलह है तो व्यक्ति हमेशा मानसिक रूप से आशान्त ही रहेगा , पारिवारिक सुख के अभाव में उसका हर सुख अधुरा ही रहेग...

अधिक मास वर्ष 2018

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हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2018 में दो ज्येष्ठ माह होंगे। इसकी विशेष बात यह रहेगी कि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से साल के 365 दिन में ही यह तिथियां भी शामिल होंगी। ज्योतिषाचार्य पं. दयानन्द शास्त्री ने बताया कि हिंदू पंचांग के हिसाब से तीन वर्षों तक तिथियों का क्षय होता है। तिथियों का क्षय होते होते तीसरे वर्ष एक माह बन जाता है। इस वजह से हर तीसरे वर्ष में अधिकमास होता है। इस आने वाले वर्ष 2018 में 16 मई से 13 जून तक की अवधि अधिकमास की रहेगी। वैसे ज्येष्ठ माह इसके पूर्व 30 अप्रैल से प्रारंभ होकर 27 जून तक रहेगा परंतु कृष्ण और शुक्ल पक्ष के दिनों के मान से अधिकमास मई जून के मध्य भाग में रहेगा। अधिक मास को मल मास, पुरूषोत्तम मास आदि नामों से पुकारा जाता हैं। त्रिवेदी ने बताया कि जिस चंद्र मास में सूर्य संक्राति नहीं होती, वह अधिक मास कहलाता है और जिस चंद्र मास में दो संक्रांतियों का संक्रमण हो रहा हो उसे क्षय मास कहते हैं। इसके लिए मास की गणना शुक्ल प्रतिपदा से अमावस्या तक की गई है। सामान्यत: एक अधिक मास से दूसरे अधिक मास की अवधि 28 से 36 माह तक की हो सकती है। कुछ ग्रंथों में यह अवध...

केसा रहेगा आपके लिए नए वर्ष का पहला महीना? क्या ले कर आएगा आपके लिए नया साल?

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जनवरी 2018 त्योहार---- 2 मंगलवार पौष पूर्णिमा व्रत 5 शुक्रवार संकष्टी चतुर्थी 12 शुक्रवार षटतिला एकादशी 14 रविवार मकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण , प्रदोष व्रत (कृष्ण) 15 सोमवार मासिक शिवरात्रि 16 मंगलवार पौष अमावस्या 22 सोमवार सरस्वती पूजा, बसंत पंचमी 28 रविवार जया एकादशी 29 सोमवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 31 बुधवार माघ पूर्णिमा व्रत वर्ष 2018 की शुभकामनाओं के साथ-साथ हम हाजिर आपके जनवरी 2018 के राशिफ़ल के साथ। जिसके माध्यम से आप जान पाएंगे कि जनवरी का महीना आपके लिए कैसा रहेगा। इसे जानकर आप अनुकूल समय का लाभ उठा पाएंगे और जो समय आपके लिए प्रतिकूल है उस समय सावधानी से काम लेकर परेशानियों से बच पाएंगे। मासिक राशिफल 1 जनवरी 2018 से 31 जनवरी 2018 तक--- मेष राशि (Aries) :– (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ) नववर्ष 2018 का पहला माह जनवरी कुछ शुरुआती परेशानी लेकर आयेगा, किन्तु जल्दी ही परिस्तिथिया सामान्य हो जायेंगी। मास में हानि एवं लाभ बना रहेगा। परिवार का पूर्ण सहयोग व सान्निध्य मिलेगा। विधार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। कार्य व्यवसाय में व्यवधान आयेंगे। भूमि भवन का लाभ ...

योग एक जीवन शैली : आइये जानते है क्या है योग ?

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जब भी आप योग के बारे में सुनते हैं तो आप इसके बारे में अपने दिमाग में एक खाका तैयार करते हैं कि आखिर यह आपके लिए क्या है। योग का नाम आते ही कुछ के दिमाग में कांटों के बिस्तर पर बैठा फकीर याद आता होगा, जो ध्यान में लीन है और उन्हें लगता होगा कि यही योग है। कुछ लोग किसी पहाड़ की गुफा में बैठे किसी साधु के बारे में सोचते हैं और योग को उससे जोड़ कर देखते हैं। कुछ लोगों ने रीढ़ की हड्डी पर कुंडलिनी की ऊपर की ओर जाती हुई पिक्टोरल रिप्रजेंटेशन देखी होगी और उनकी योग में रुचि जग गई। जबकि कोई अन्य व्यक्ति योग स्टूडियो में जाकर शीशे के सामने योग एरोबिक्स करता है। वह अपने शरीर को देखता है, अपने आसन को ध्यान से देखता है और उन्हें लगता है कि योग शारीरिक होता है और यह उनके शरीर के आकार को बनाकर रखता है। आजकल अनेक चैनलों और सचर  पत्रों में हिन्दू बनाम मुस्लिम के दायरे में योग को लेकर बहस हो रही है क्योंकि इससे राजनीति सधती है। मुझे कभी कहीं नहीं लगा कि कोई स्वामी, कोई महात्मा ऐसी दावेदारी कर रहे हैं, आज क्यों ऐसा लग रहा है। वे योग को धर्मविशेष के चश्मे से भी नहीं देखते। योग डरपोक ...

नव वर्ष शुभकामना सन्देश

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नया साल 2018 यानी की हैप्पी नई ईयर 2018 आने में कुछ ही समय बचा है ऐसे में सब अपने सम्बन्धियों को नया साल मुबारक हो 2018 आने से पहले ही नये साल की हार्दिक शुभकामनायें दे रहे | ऐसे में आप भी नए साल की शुभकामनाएं मेसेज, एडवांस नया साल शायरी, नए साल व्हाट्सएप्प स्टेटस, नए साल के फोटो इमेज पिक वॉलपेपर व नए साल की शायरी को व्हाट्सएप्प व फेसबुक पर भेज अपने दोस्तों,परिवार, गर्लफ्रेंड , बॉयफ्रेंड , पति/पत्नी , बहन , भाई को भेज कर उन्हें विश कर सकते हैं क्योंकि आज हम लेके आये हैं नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देने के लिए नए साल की शुभकामनाएं मेसेज यानी की नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 2018 | हैप्पी नई ईयर 2018 | नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 2018 भगवान करे ये साल आपको रास आ जाये; जिसे आप चाहते हो, वो आपके पास आ जाये! आप नए साल में कुंवारे न रहे; आपका रिश्ता लेकर आपकी सास आ जाये! नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ! नए रंग हों नयी उमंगें आँखों में उल्लास नया नए गगन को छू लेने का मन में हो विश्वास नया नए वर्ष में चलो पुराने मौसम का हम बदलें रंग नयी बहारें लेकर आये जीवन में मधुमास नया नए वर्ष की ह...

सोमवती अमावस्या 18 दिसंबर 2017

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इस दिसंबर माह की 18 तारीख को अमावस्या ऐसा अवसर होगा जब श्रद्धालु सम्पूर्ण भारत में पवित्र नदियों गंगा,यमुना,कावेरी,सरयू और मोक्षदायिनी शिप्रा (उज्जैन) में स्नान, दान आदि करेंगे। कड़ाके की सर्दी के बावजूद श्रद्धालु शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान करेंगे और पुण्य कमाऐंगे। यह अवसर होगा 18 दिसंबर 2017 को। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जिसके कारण इस दिन का महत्व बढ़ गया है। इस दिन पितृ दोष की शांति के लिए यह दुर्लभ योग है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सोमवती अमावस्या पर सवार्थ सिद्धि योग होगा। जिसके कारण पर्व और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। मान्यता है कि इस दिन नदी में स्नानए दान कर मंदिरों में पूजन करने से पुण्यफल मिलता है। इस दिन 18 दिसम्बर 2017 को सोमवती अमावस्या पर 231 साल के बाद बना हैं सर्वार्थ सिद्धि महायोग | ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार ऐसे योग कम दी देखने को मिलते हैं। जिन जातकों की पत्रिका में चांडाल योग, विष योग, अमावस्या दोष,काल सर्प दोष, पितृ दोष है। ऐसे जातक संबंधित दोष का वैदिक विधि से शांति करा सकते हैं। जिससे उनको कई तरह की परेशानियों ने मुक्ति ...